Monday, January 19, 2015

दैवी तत्वों की प्रसन्नता रहती है !

वास्तु पूजा से घर में  भूमि  स्थित सभी दैवी तत्वों की प्रसन्नता रहती है !

कुछ लोग देव को गलत तरीके से समज ते है ! वस्तुत: मानो के वायु है !! वायु देवता है !! हम सब वायु का अनुभव करते है ! अब वायु की देवता रूप कल्पना करके देखे !! वायु की शिल्पकार की तरह सोच के मूर्ति बनाये !! इसका तत्व निरूपण करके विशाल सृष्टि में देखे !! अरे यह आज नहीं है पुराने वेदिक समय से चल रहा है ! विराट की कल्पना वरुण सूक्त !! अग्नि सूक्त !! वह विराट विश्व में अनेक सूर्यो तारो में दौड़ता इंद्र!! अगर यह जानो गए तो वेद मंत्रो के ऋषि यो के आगे शीश जुक जाएंगे .अबुधो को समजाने के लिए राहु केतु शीश काटना अमृत मंथन ग्रहण को समजाना !! बुध्धू मुर्ख को समजाने की कोशिश ऋषिमुनिओकी देखो !!

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